पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक 'खुली जंग' का रूप ले चुका है। आज, 2 मार्च 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच हवाई हमलों और सीमा पर गोलाबारी का सिलसिला और भी तेज हो गया है।
तालिबान का पलटवार (2 मार्च 2026)
आज सुबह अफगान तालिबान ने दावा किया कि उनकी वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं।
- नूर खान एयरबेस पर हमला: तालिबान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया गया है। यह पाकिस्तान का एक प्रमुख कमांड एंड कंट्रोल सेंटर है।
- अन्य सैन्य ठिकाने: क्वेटा में 12वीं डिवीजन के मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा के मोहमंद एजेंसी में स्थित सैन्य कैंपों पर भी सटीक हमलों का दावा किया गया है।
- बगराम एयरबेस पर तनाव: अफगानिस्तान का कहना है कि उन्होंने बगराम एयरबेस की ओर आ रहे पाकिस्तानी जेट विमानों को एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलों से खदेड़ दिया।
ऑपरेशन 'ग़ज़ब लिल हक़
पाकिस्तान ने इस सैन्य अभियान को 'ग़ज़ब लिल हक़' (सत्य का प्रकोप) नाम दिया है।
- पाकिस्तान का दावा: पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बयान जारी कर कहा कि अब तक 415 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे जा चुके हैं और उनके 130 से ज्यादा सैन्य पोस्ट तबाह कर दिए गए हैं।
- हवाई हमले: पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में तालिबान के हथियार डिपो और ब्रिगेड मुख्यालयों पर भारी बमबारी की है।
जंग की वजह और नुकसान
- TTP का मुद्दा: पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान सरकार 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के आतंकियों को पनाह दे रही है, जो पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं।
- कैजुअल्टी (हताहत): * अफगानिस्तान का दावा है कि उन्होंने 80 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया है और 27 पोस्ट पर कब्जा कर लिया है।
- पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर अपने 12 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है।
- संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इन हमलों में कई आम नागरिकों (Civilians), जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, के मारे जाने पर गहरी चिंता जताई है।


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